Song Qaatil Lyrics तेरी गली से जब भी गुज़रता हूँ मैंखुद को भूलकर तुझे सोचता हूँ मैंहवा में घुली है तेरी ही खुशबूहर एक आहट पे बस तुझे ढूंढता हूँ मैं ये कैसा जादू है जो मुझपे चल गयादेखा जो तुझको वक़्त भी ठहर गयाना होश है मुझे ना कोई खबर हैतेरे नशे में दिल […]
Song Qaatil Lyrics तेरी गली से जब भी गुज़रता हूँ मैं खुद को भूलकर तुझे सोचता हूँ मैं हवा में घुली है तेरी ही खुशबू हर एक आहट पे बस तुझे ढूंढता हूँ मैं ये कैसा जादू है जो मुझपे चल गया देखा जो तुझको वक़्त भी ठहर गया ना होश है मुझे ना कोई खबर है तेरे नशे में दिल हद से गुज़र गया तेरी आँखों ने किया है एक क़ातिल वार मेरा दिल हुआ शिकार पहली ही बार ये ज़ुल्फ़ें हैं या रातें ये कैसा नशा है तू ही मेरा मर्ज़ है तू ही इलाज है तेरी एक मुस्कान पे दुनिया भुला दूँ कह दे तो आसमाँ कदमों में ला दूँ तेरे बिना हर लम्हा एक सज़ा सा लगे तेरी चाहत में खुद को मैं मिटा दूँ ये कैसा असर है तेरी बातों का ये कैसा असर है तेरी बातों का छीना है तूने सुकून रातों का ना चैन है मुझे ना कोई करार है तेरे इश्क़ में दिल अब बेइख्तियार है तेरी आँखों ने किया है एक क़ातिल वार मेरा दिल हुआ शिकार पहली ही बार ये ज़ुल्फ़ें हैं या रातें ये कैसा नशा है तू ही मेरा मर्ज़ है तू ही इलाज है तेरे साये में रहने की आदत हुई है रूह को तेरी रूह से मोहब्बत हुई है पहले तो धड़कता था बस यूँ ही ये दिल अब तेरे नाम से इसमें हरकत हुई है मेरी हर दुआ में बस तेरा ही नाम है क्या खता थी मेरी जो ये सज़ा मिली तेरी तस्वीर आँखों में हर जगह मिली ना गवाह कोई ना कोई सबूत है फिर भी तेरे इश्क़ में उम्रकैद मिली लोग कहते हैं मुझसे संभल जा ज़रा कैसे समझाऊँ उनको ये दिल है मनचला अब तो बस एक ही ख्वाहिश है मेरी तेरे हाथों से हो मेरे इश्क़ का फ़ैसला तेरी आँखों ने किया है एक क़ातिल वार मेरा दिल हुआ शिकार पहली ही बार ये ज़ुल्फ़ें हैं या रातें ये कैसा नशा है तू ही मेरा मर्ज़ है तू ही इलाज है क़ातिल तेरी नज़र है हाँ तू ही मेरा सफ़र है तुझसे शुरू तुझपे खत्म ये ज़िन्दगी क़ातिल